बातें

दोस्‍तो, अपने भीतर के भेडि़ये को कैद में ही रखना,
ये निकल गये बाहर तो बड़ा उत्‍पात करते हैं।
वैसे तो अपने मुल्‍क में  हम लोग आजकल
झाड़ू की, चाय की, और सिलेंडर की, बात करते हैं
और इससे उससे हम शिकायत क्‍या करें,
जब जज ही अपने मुल्‍क में, रेप इंजाय करने की बात करते हैं।

Comments

Popular posts from this blog

नोकझोंक: 14 फरवरी 2022

अब की बार, सांसदों का अचार