दोस्तो, अपने भीतर के भेडि़ये को कैद में ही रखना, ये निकल गये बाहर तो बड़ा उत्पात करते हैं। वैसे तो अपने मुल्क में हम लोग आजकल झाड़ू की, चाय की, और सिलेंडर की, बात करते हैं और इससे उससे हम शिकायत क्या करें, जब जज ही अपने मुल्क में, रेप इंजाय करने की बात करते हैं।
एक भारतीय पत्नी ने सुबह-सुबह ही आदेश सुनाया, "अजी सुनते हो, मैंने कहा आज मेरा वैलेंटाइन डे का व्रत है, शाम को लौटते हुए कुछ चॉकलेट, टेडी बियर और कुछ अच्छे से तोहफे ले आना चढ़ावे के लिए।" पति महोदय ने तुरंत उत्तर दिया, " सॉरी डार्लिंग, मैं यह सारी चीजें नहीं ला पाऊंगा क्योंकि मुझे आज प्रजातंत्र के यज्ञ में शामिल होना है, देर हो जाएगी, आखिरी आहुति देकर ही आऊंगा; और फिर उन देवताओं की महा आरती में भी तो सम्मिलित होना है जिनके सच्चे प्रेम और बलिदान के कारण मां भारती गर्व से विश्व के समक्ष सर उठाकर चल पाती है।" बीना जोशी 'हर्षिता'
दोस्ताें ने कहा, चुनावों का सीजन है, सुनाइये कुछ चटपटा मजेदार मैंने कहा, ठीक है, लीजिये अब की बार, सांसदों का अचार।। सबसे पहले कुछ पढ़े लिखे, स्वस्थ मानसिकता, न्यायप्रियता अौर संतुलित आचार व्यवहार वाले सांसद लायें, ताकि आने वाले पांच सालों तक भ्रष्टाचार की फफूंदी और लालच की हवा उन्हें छू भी न पाये।। अच्छे सांसद चुनने के लिए अनुभव का चश्मा और ई0वी0एम0 का उचित प्रयोग, कारगर सिद्ध होगा, परन्तु दूध को फटते और नेता को बिगड़ते देर नहीं लगती इसलिये 50-50% तो रिस्क होगा।। चलिए सांसद आपने चुन लिये, प्रजातंत्र के कुछ सपने बुन लिये, अब प्रारंभ होता है संरक्षण का असली काम अचार बनाना भी है जिसका दूजा नाम।। बेईमानी की डंडिया अगर दिखाई दें, तो आचार संहिता वाले चाकू से छांट दें। अपराधों के दाग दिखाई दें, तो पहले ही डस्ट बिन में डाल दें। स्वार्थ की महक आ रही हो तो एक बार आत्ममंथन के सिरके में डुबो दें, और बन्दे का पिछला रिकार्ड देखना हो तो आर0टी0आई0 की सुइयां चुभो दें।। दिखाई दें, अगर धर्म व जाति के दाग, और सुनाई दे अगर मक्कारी का राग, तो समझ लीजिए ऐसे स...
Bahut Khub!!!
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